COVID-19: GST के मोर्चे पर बड़ी राहत दे सकती है सरकार!

कोविड-19 महामारी (COVID-19 Pandemic) के बीच आर्थिक संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार वस्तु एवं सेवा कर (GST) राहत पैकेज लाने पर सकती है. इस राहत पैकेज में कोरोना वायरस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले सेक्टर्स को शामिल किया जाएगा. इनमें रेस्टोरेंट, एविएशन, हॉस्पिटेबिलिटी और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर शमिल होंगे. एक मीडिया रिपोर्ट में इस मामले से जुड़े एक शख्स के हवाले से यह बात कही गई है

दूसरे विकल्प पर भी विचार कर रही है सरकार

एक अन्य प्रस्ताव में कैश बेस्ड​ सिस्टम के तहत करंट इनवॉइस सिस्टम के आधार पर टैक्स वसूला जा सकता है. इसमें लॉकडाउन की वजह से पेमेंट न मिलने वाले सेल्स पर GST राहत दी जा सकती है. इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में अधिकारी के हवाले से कहा है कि सरकार के इस कदम से बिजनेस पर लिक्विडिटी दबाव कम करने में मदद मिलेगी. हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला जीएसटी काउंसिल (GST Council) ही लेगा. कैश बेस्ड सिस्टम का मतलब है कि जब किसी बिजनेस को पैसे मिले तब वो जीएसटी का भुगतान करे, न कि इनवॉइस बनने पर.

सर्विस सेक्टर पर पड़ रही जीएसटी की मार

कैश बेस्ड सिस्टम के तहत सरकार यह सुनिश्चित कर सकेगी कि कारोबारियों को अपनी जेब से टैक्स न देना पड़े. इससे उन्हें पूंजी पर दबाव कम होगा. सर्विस सेक्टर के ऐसे कई प्रोवाइडर्स हैं जिन्हें अपने क्लांट्स की तरफ से पेमेंट में देरी का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन, इस बीच उन्हें जीएसटी पेमेंट करना पड़ रहा है.

सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इन सर्विस सेक्टर को केंद्र सरकार कम से कम उनके बकाये से राहत दे सकती है. सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कुछ समय के लिए इन सेक्टर्स को अन्य वैधानिक चार्जेज से छूट दी जाए.

GST दायरे से बाहर करने पर खड़ी हो सकती है समस्या

इसके पहले GST छूट की मांग की गई थी. सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि कुछ समय के लिए इनपर टैक्स सस्पेंड करने से कितना फायदा होगा. अगर किसी एक सेक्टर को टैक्स के दायरे से बाहर किया जाता है तो इससे क्रेडिट चेन ब्रेक होगा जिससे आने वाले समय कई तरह की अन्य परेशनियां बढ़ सकती हैं.

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