वित्त मंत्री ने बताई वजह सरकार ने आखिर लोगों के खाते में पैसे क्यों नहीं ट्रांसफर किए?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने आर्थिक राहत पैकेज (Economic Package 2.0) की अलोचना करने वालों को करारा जवाब दिया है. कोरोना वायरस के मद्देनजर सरकार द्वारा ऐलान किए गए आर्थिक पैकेज को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे कि जरूरतमंद लोगों को कैश सपोर्ट देना चाहिए था. वित्त मंत्री ने बुधवार को बताया कि लोगों को कैश दे देना ही हल नहीं था.

ज्यादा लोगों को मिल सकेगा फायदा

CNN News18 के साथ बुधवार शाम को खास बातचीत में वित्त मंत्री ने कहा, ‘गरीब वर्ग के लिए, उनके खाते में पैसे ट्रांसफर करना ही हल नहीं है.’ उन्होंने कि कहा मुझे पता चला है कि कुछ इकोनॉमिस्ट्स का कहना है कि लोगों के हाथों में पैसे दे देने से बाजार में मांग बढ़ेगी, लेकिन सरकार ने एक वैकल्पिक रास्ता निकाला, क्योंकि हमारा मानना है कि कंपनियों को लिक्विडिटी प्रदान करने का कैस्केडिंग प्रभाव देखने को मिलेगा. इससे ज्यादा संख्या में लोगों को लाभ मिल सकेगा.

वित्त मंत्री ने कहा कि मार्च में लॉकडाउन के ऐलान के तुरंत बाद ही हमने राहत पैकेज की घोषणा की, जिसमें कुछ वर्ग को कैश ट्रांसफर और अनाज देने समेत कई तरह की बातें थी. इससे जरूरतमंद लोगों को फौरी राहत मिली. लेकिन, दूसरा राहत पैकेज व्यापका होना चाहिए था.

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बिजली कंपनियों को पैसा दिया ताकि वो फ्री में किसानों को बिजली दें

वित्त मंत्री ने कहा DISCOMS को पैसा इसलिए दिया गया है ताकि वे गरीबों और किसानों को मुफ्त बिजली प्रदान कर सकें. आत्मनिर्भर भारत अभियान (Self-reliant india campaign) के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 90,000 करोड़ रुपये के पैकेज देने का ऐलान किया है. ये पैसा दो चरणों में जारी किया जाएगा. हर चरण में 45,000 करोड़ रुपये की किस्त दी जाएगी.

सरकार ने केंद्रीय बिजली उत्पादन कंपनियों (Central power generation companies)और केंद्रीय बिजली वितरण कंपनियों को लॉकडाउन (Lockdown) अवधि के दौरान डिस्कॉम (Discom) को आपूर्ति की गयी बिजली पर 20-25% की छूट देने पर विचार करने को को कहा है. वहीं सरकार ने कहा है कि इस छूट से डिस्कॉम की जो लागत घटेगी इसका फायदा उपभोक्ताओं को भी मिले इसे सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है.

कृषि सेक्टर पर विशेष ध्यान

एविएशन, टूरिज्म और हॉस्पिटेलिटी को लेकर उन्होंने कहा कि इस पैकेज का असर उनपर भी पड़ेगा. ये सेक्टर्स भी बैंकों से पैसे लेकर काम करते हैं. उनके पास सभी विकल्प मौजूद है. कृषि सेक्टर को छोड़कर किसी अन्य सेक्टर को लेकर हमने कोई विशेष ऐलान किया है. हम ऐसे कदम उठाएं हैं, जिसका लाभ हर सेक्टर तक पहुंच सकेगा. कृषि सेक्टर पर इसलिए विशेष ध्यान दिया गया ताकि किसानों की आय बढ़ सके.

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