कोरोना वायरस की चिंता से बाजार धाराशायी, SENSEX 806 अंक डूबा

भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार को जोरदार गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स करीब 806 अंक का गोता लगा गया। इस साल यह दूसरा मौका है जब सेंसेक्स में इतनी बड़ी गिरावट आई है। चीन में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने की खबरों से निवेशकों की चिंता भी बढ़ी है। ऐसे में वैश्विक बाजारों के साथ साथ भारतीय बाजार में भी बिकवाली का भारी दबाव पैदा हो गया था। बाजार सुबह गिरावट के साथ खुला। दिन में बीएसई-सेंसेक्स 40,306.36 अंक तक लुढ़क गया था। दक्षिण कोरिया, इटली और ईरान में बड़ी संख्या में कोरोना वायरस के मामले आने की खबर के बाद निवेशकों ने घबराहट में बिकवाली बढ़ा दी थी। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अंतत: 806.89 अंक यानी 1.96 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 40,363.23 पर बंद हुआ। इस साल यह दूसरा मौका है जब सेंसेक्स इतना टूटा है। इससे पहले एक फरवरी को बजट आने के बाद सेंसेक्स 987 अंक से अधिक लुढ़क गया था।

50 कंपनियां लाल निशान पर हुई बंद
बिकवाली का जोर इस कदर बाजार पर हावी रहा कि सेंसेक्स की सभी 30 और निफ्टी की सभी 50 कंपनियां लाल निशान में बंद हुईं। बीएसई के सभी समूहों के सूचकांक भी गिरावट में रहे। ‘कोविड-19′ का संक्रमण फैलने से दूसरे एशियाई बाजारों तथा यूरोपीय बाजारों में भी बिकवाली रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.87 फीसदी, हांगकांग का हैंगसेंग 1.79 फीसदी और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.28 फीसदी की गिरावट में बंद हुआ।

कच्चा तेल में भी गिरावट
कॅमोडिटी क्षेत्र की कंपनियों पर कोरोना का सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। अंतररष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल पौने चार प्रतिशत लुढ़क गया। धातुओं में भी भारी गिरावट देखी गयी। बीएसई में धातु समूह का सूचकांक सर्वाधिक पौने छह फीसदी टूटा। सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा स्टील का शेयर करीब साढ़े छह फीसदी की गिरावट में रहा। ओएनजीसी में पौने पाँच प्रतिशत की गिरावट रही।

हालात और बिगड़ने की संभावना
यूरोप में शुरुआती कारोबार में ब्रिटेन का एफटीएसई 3.07 फीसदी और जर्मनी का डैक्स 3.48 फीसदी लुढ़क गये। अंतररष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीना जॉर्जीवा ने कहा है कि कोरोना के कारण इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था को 0.1 फीसदी का नुकसान हो सकता है जबकि चीन की विकास दर जनवरी में जारी अनुमान से 0.4 प्रतिशत कम रहने की संभावना है। यदि इसके संक्रमण को जल्दी नहीं नियंत्रित किया गया तो यह गिरावट ज्यादा भी हो सकती है।

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