कांग्रेस कार्य समिति ने लिया फैसला, जून 2021 तक कांग्रेस को मिल जाएगा नया अध्यक्ष

कांग्रेस कार्य समिति ने लिया फैसला, जून 2021 तक कांग्रेस को मिल जाएगा नया अध्यक्ष
कांग्रेस कार्य समिति ने लिया फैसला, जून 2021 तक कांग्रेस को मिल जाएगा नया अध्यक्ष
Sponsored Links

कांग्रेस कार्य समिति ने लिया फैसला, जून 2021 तक कांग्रेस को मिल जाएगा नया अध्यक्ष

भारत की काफी पुरानी और लगभग 60 सालों तक सत्ता में रहने वाली पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को लेकर एक बड़ी खबर सामने रही है। हाल ही में कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक हुई जिसमें यह फैसला लिया गया कि जून 2021 तक पार्टी को एक निर्वाचित अध्यक्ष मिल जाएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने इस बात की जानकारी प्रदान की।

इस कदम को उठाकर कांग्रेस पार्टी अपने ऊपर लगे परिवारवाद के आलोचनाओं को समाप्त करना चाहती हैं। लेकिन सारा देश जानता है कि कांग्रेस पार्टी में गाँधी परिवार ही सबकुछ है। उनके इजाजत के बिना इस पार्टी में किसी भी प्रकार की गतिविधियां नहीं हो सकती है। हालांकि यह देखना दिलचस्प रहेगा कि गाँधी परिवार के उम्मीदवार के खिलाफ उनकी ही पार्टी से कौन सा नेता उनके विपक्ष से खड़ा होता है।

समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से मिली खबर के अनुसार अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति का प्लेनरी सत्र 29 मई को आयोजित किया जाएगा। इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने की। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई।

इस बैठक में सोनिया गांधी ने किसानों के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस कार्यसमिति ने किसानों के मुद्दे पर एक प्रस्ताव भी पारित किया। इसके अलावा उन्होंने वैक्सीन के लिए वैज्ञानिकों को धन्यवाद दिया और लोगों से आगे आने के लिए अपील किया। 

अर्नब गोस्वामी के व्हाट्सएप चैट लीक पर भी जताई नाराजगी:

बैठक में कांग्रेस कार्यसमिति ने अर्नब गोस्वामी के व्हाट्सएप चैट के लीक होने के बात पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसी का व्हाट्सएप चैट इस तरह से लीक होना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने इस मामले में जाँच के लिए भी केंद्र सरकार से मांग की। इसकी संयुक्त संसदीय समिति(जेपीसी) की जांच में प्रस्ताव भी पारित हुआ।

कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना:

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि 3 खेती कानून जल्दबाजी में तैयार किए गए थे, संसद ने जानबूझकर उन्हें जांचने के अवसर से वंचित किया। अर्थव्यवस्था के मुद्दे केंद्र सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि घबराहट के निजीकरण ने सरकार को जकड़ लिया है।

पार्टी में अंदरूनी विवाद को लेकर भी हुआ मंथन:

देश भर में कांग्रेस के कार्यकर्ता एवं बड़े राज्य इकाइयों के अध्यक्ष राहुल गाँधी को अध्यक्ष बनाने को लेकर पक्ष में हैं। यहाँ तक कि पंजाब, राजस्थान छत्तीसगढ़ एवं पुद्दुचेरी के मुख्यमंत्री भी राहुल गांधी को अध्यक्ष के रूप में देखना चाहते हैं।

जहाँ एक ओर बड़े नेता राहुल गाँधी को अध्यक्ष बनते देखना चाहते हैं वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे भी बड़े नेता हैं जो राहुल गांधी के खिलाफ संगठन चुनाव में उम्मीदवार उतारने के पक्ष में हैं। इस बैठक में अंदरूनी विवाद को लेकर भी चर्चा हुई कि यदि राहुल गाँधी अध्यक्ष के उम्मीदवार के रूप में खड़े होते हैं तो उनके सामने किसी दूसरे उम्मीदवार को खड़ा करने या खड़ा करने पर भी चर्चा होगी।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*