अमेरिका ने कोविड-19 से निपटने के लिए भारत को 59 लाख डॉलर की दी सहायता

अमेरिका ने कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए भारत को करीब 59 लाख डॉलर की स्वास्थ्य सहायता दी है. विदेश विभाग ने बताया कि इस धनराशि का प्रभावित लोगों की देखभाल, समुदायों को आवश्यक जन स्वास्थ्य संदेश देने में और निगरानी मजबूत करके इस विषाणु को फैलने से रोकने में भारत की मदद के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. इस सहायता का उपयोग आपातकालीन तैयारियों और इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए नवीन वित्त पोषण तंत्र जुटाने में भी किया जा रहा है.

एक बयान में कहा गया कि यह अमेरिका द्वारा पिछले 20 वर्षों में भारत को मुहैया कराई करीब 2.8 अरब डॉलर की कुल सहायता का हिस्सा है जिसमें 1.4 अरब डॉलर से अधिक की स्वास्थ्य सहायता भी शामिल है. दक्षिण एशिया में अमेरिका ने जिन देशों को कोविड-19 से निपटने के लिए सहायता मुहैया करायी हैं उनमें अफगानिस्तान (1.8 करोड़ डॉलर), बांग्लादेश (96 लाख डॉलर), भूटान (पांच लाख डॉलर), नेपाल (18 लाख डॉलर), पाकिस्तान (94 लाख डॉलर) और श्रीलंका (13 लाख डॉलर) शामिल है.

आपको बता दें कि कोरोना वायरस संकट के बीच भारत ने बीते दिनों अमेरिका की मदद की थी. तब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा था कि वह इस मदद को नहीं भूलेंगे.

अमेरिका में कोरोना वायरस के कारण 32,000 से अधिक लोगों की मौत

आपको बता दें कि अमेरिका में कोरोना वायरस के कारण मरने वाले लोगों की संख्या 32,917 पर पहुंच गयी है. ‘जॉन्स हॉपकिन्स’ विश्वविद्यालय से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में संक्रमण के कारण 4,491 लोगों की मौत हुई जो वैश्विक महामारी के कारण एक दिन में मौत का सर्वाधिक आंकड़ा है. मौत के इन आंकड़ों में वे मामले शामिल हैं जिनमें मौत की वजह कोविड-19 के होने का संदेह है. इन मामलों को पहले के आंकड़ों में शामिल नहीं किया गया था.

सबसे अधिक मौत अमेरिका में

इस हफ्ते न्यूयार्क सिटी ने घोषणा की थी कि मृतक संख्या में 3,778 लोगों की मौत के ऐसे मामलों को शामिल किया जाएगा जिनमें व्यक्ति की मौत की संभावित वजह यह वैश्विक महामारी है. कोविड-19 के कारण दुनिया में सर्वाधिक लोगों की मौत अमेरिका में हुई है. इटली में कोरोना वायरस के कारण 22,170 लोगों, स्पेन में 19,130 लोगों और फ्रांस में 17,920 लोगों की मौत हो चुकी है. अमेरिका में संक्रमण के 6,67,800 से अधिक मामले सामने आये.

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