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जानिए पैसिव इनकम क्या होती है

Passive income वो इनकम होती है, जिसके लिए आपको एक्टिव रूप से काम नहीं करना पड़ता है, जैसे – एक मकान से मिलने वाला किराये का इनकम आपका Passive income होती है। क्योकि किराये से मिलने वाले इनकम के लिए आपको कोई भी actively काम नहीं करना पड़ता है।

दूसरी तरफ Passive income उस इनकम को भी कहते है, जब आप पैसो के लिए काम नहीं करते, बल्कि पैसा आपके लिए काम करता है. जैसे – बैंक फिक्स्ड डिपाजिट से मिलने वाला इंटरेस्ट, या स्टॉक से मिलने वाला डिविडेंड, या ऐसे बिज़नस से मिलने वाला इनकम जिसमे आप एक्टिव रुप से काम नहीं करते

इनकम और इनकम सोर्स में अंतर

इनकम और इनकम सोर्स में एक खास अंतर होता है। इनकम सोर्स में हमें लगातार निश्चित समय अन्तराल पर इनकम मिलता रहता है। जबकि इनकम कोई भी राशी हो सकती है, जो हमारे कही से कभी भी आ जाती है। जैसे – किसी तरह की लाटरी के इनाम में मिलने वाला पैसा हमारा इनकम हो सकता है, लेकिन इनकम सोर्स नहीं। जॉब से मिलने वाला पैसा हमारा इनकम सोर्स है।

अलग अलग इनकम सोर्स क्या होता है

आइये हम पैसिव इनकम को अच्छी तरह से समझने के लिए, इनकम सोर्स को भी साथ में समझते है। हमें अपने जीवन यापन, और सभी तरह के खर्चो के लिए पैसो की जरुरत होती है, और हम सभी के पास पैसे आने यानि इनकम आने के कुछ सोर्स होते है,और हमारे पास जिन सोर्स से भी पैसे आते है, वो हमारे इनकम सोर्स कहे जाते है,जैसे – अगर मेरे पास पैसे मेरी जॉब से सैलरी के रूप में आता है, सैलरी मेरा इनकम सोर्स है, और इसी तरह अगर किसी को मकान से मिलने वाले किराये के रूप इनकम मिलता है, तो किराया उसका इनकम सोर्स है।

वैसे तो पैसे कमाने के लाखो तरीके हो सकते है, लेकिन चाहे आप जिस तरीके से पैसे कमाते हो, अगर आपके इनकम सोर्स की बात की जाये तो इनकम के तीन टाइप या तीन इनकम सोर्स होते है-

एक्टिव इनकम सोर्स – जैसा की नाम से स्पस्ट है- एक्टिव इनकम, यानि जिस इनकम को प्राप्त करने के लिए हमें actively काम करना पड़ता है, वो इनकम एक्टिव इनकम होता है। जैसे – नौकरी से मिलने वाला इनकम, एक्टिव इनकम होता है।

पैसिव इनकम सोर्स – जैसे हमने सबसे पहले ही बताया कि Passive income वो इनकम होता है, जिसके लिए आपको एक्टिव रूप से काम नहीं करना पड़ता है। जैसे – एक मकान से मिलने वाला किराये का इनकम आपका Passive income होता है।

पोर्टफोलियो इनकम सोर्स – पोर्टफोलियो इनकम दरअसल पैसिव इनकम का ही एक पार्ट है, जिसमे बैंक और स्टॉक इन्वेस्टमेंट जैसे इनकम सोर्स से पैसे आते है, और इस तरह के इनकम को पोर्टफोलियो इनकम कहा जाता है,जैसे – स्टॉक इन्वेस्टमेंट से मिलने वाला डिविडेंड, पोर्टफोलियो इनकम है.

यहाँ तक हमने समझ लिया की चाहे हम जो भी हो, Employee, बिजनेसमैन, डेली वर्कर, housewife, स्टूडेंट ,बच्चे या बूढ़े, चाहे जो भी हो हमारे पास इनकम इन्ही तीन सोर्स से आते है,

PASSIVE INCOME के प्रकार

  1. किराये से मिलने वाला इनकम सोर्स , (Income from Rent)
  2. फिक्स्ड डिपाजिट से मिलने वाला व्याज का लाभ (Income from FIXED DEPOSIT )
  3. म्यूच्यूअल फण्ड डिपाजिट से मिलने वाला लाभ, (Income from DIVIDENDS AND CAPITAL GAIN )
  4. स्टॉक इन्वेस्टमेंट से मिलने वाला डिविडेंड (Income from DIVIDENDS)
  5. किसी ऐसे बिज़नस से मिलने वाला इनकम जहा आप actively काम नहीं करते – जैसे पार्टनरशिप बिज़नस, या फ्रैंचाइज़ी बिज़नस, (Income from BUSINESS )
  6. पेंशन से मिलने वाला इनकम (Income from PENSION PLANS )
  7. किसी किताब को लिखने से मिलने वाली रॉयल्टी का इनकम (Income from ROYALTY )
  8. किसी भी तरह के इन्टरनेट बिज़नस से होने वाला इनकम, (Income from WEBSITES/BLOGS/YOU TUBE )
  9. MLM या अन्य ऐसे कंपनी से कमीशन का इनकम जो आपके ACTIVELY काम नहीं करने के बावजूद कमीशन का इनकम मिलता रहे, (Income from COMMISSION)
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